भोपाल के MVM कॉलेज में बड़ा निर्णय:सांसद प्रज्ञा सिंह ने जन भागीदारी के अतिथि विद्वानों के 7000 रुपए बढ़ाए

भोपाल के एमवीएम कॉलेज की जन भागीदारी समिति ने बड़ा निर्णय किया है। अतिथि विद्वानों के वेतन को 18 हजार से 25 हजार रुपए कर दिया। अब उन्हें सालभर का वेतन दिया जाएगा। कॉलेज ने अतिथि विद्वानों का वेतन 22 हजार रुपए करने का प्रस्ताव भेजा था। सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को समिति की बैठक में 3 हजार रुपए और बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। इस पर सहमति बन गई। लंबे समय से कॉलेज के अतिथि विद्वानों द्वारा वेतन बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। इसके साथ ही अब तक इन्हें 10 महीने तक का ही वेतन मिलता था। 10 माह क्लास और दो महीने कॉलेज के अन्य कार्यों में कॉलेज प्रबंधन उनकी सेवाएं लेगा। प्रज्ञा ने कहा- दो मिनट में जवाब दें बैठक के दौरान प्रज्ञा ने कहा कि हमने वेतन बढ़ाने के साथ ही काम को 10 माह से बढ़ाकर 12 माह करने पर विचार किया है। आप लोग बात कर लें। मुझे दो मिनट में बताएं। कहीं ऐसा न हो कि आप हां कर दें और दूसरे मना कर दें। यह आप लोगों के लिए दीपावली का गिफ्ट है। कॉलेज में समिति के काम राज्य सरकार द्वारा कॉलेजों में अधोसंरचना के संवर्धन, शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों के सफल संचालन के लिए जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जन भागीदारी समिति गठित की जाती है। समिति को कॉलेज में दी जाने वाली शिक्षा व अधोसंरचना के विकास के लिए स्थानीय नागरिकों से स्वैच्छिक संसाधन एकत्र करने, विभिन्न गतिविधियों पर शुल्क लगाने और कंसलटेंसी आदि से राशि एकत्र करने का अधिकार है। जन भागीदारी समितियों द्वारा एकत्र धन राशि का व्यय भी समिति की अनुशंसा से ही किया जाता है। इसी के तहत ऐसे कोर्स जो उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित नहीं किए जाते हैं, उन्हें कॉलेज की जन भागीदारी समिति संचालित करती है। इसी के तहत अतिथि विद्वान रखे जाते हैं। समिति में सरकार की पार्टी के लोग रहते हैं आम तौर पर जन भागीदारी समिति में सत्ताधारी दल की विचारधारा के लोगों को ही जगह दी जाती थी। अध्यक्ष भी पार्टी से जुड़ा व्यक्ति ही बनता था। इसके अलावा, सदस्यों के रूप में सांसद प्रतिनिधि, विधायक प्रतिनिधि के अलावा समाजसेवी और गणमान्य नागरिकों को जगह दी जाती थी। अध्यक्ष नहीं होने की स्थिति में कलेक्टर इसका अध्यक्ष होता है।

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